Fact-Check Policy / तथ्य-जांच प्रक्रिया
उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में अफवाहों, भ्रामक सोशल मीडिया दावों और फर्जी वीडियो की सच्चाई उजागर करने की हमारी मानक कार्यप्रणाली।
हम खबरों की सत्यता कैसे जांचते हैं? (4-Step Process)
वायरल दावों को सीधे सरकारी आदेश, गजट अधिसूचना, एफआईआर (FIR), अदालती आदेश अथवा आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति से मिलाया जाता है।
संबंधित जिले के स्थानीय प्रशासन (DM/SP कार्यालय), नगर निगम, चश्मदीदों या स्थानीय पत्रकारों से सीधा संपर्क कर तथ्यों की पुष्टि की जाती है।
सोशल मीडिया पर साझा की जाने वाली तस्वीरों और वीडियो की रिवर्स-इमेज सर्च, टाइमस्टैम्प विश्लेषण और जियोलोकेशन का परीक्षण किया जाता है।
जांच पूर्ण होने पर पाठक के सामने स्पष्ट निष्कर्ष (सत्य, भ्रामक अथवा असत्य) तथा सभी संदर्भ स्रोतों के लिंक प्रस्तुत किए जाते हैं।
संपादकीय समाचार बनाम यूजर लिस्टिंग (Important Clarification)
उपर्युक्त तथ्य-जांच प्रक्रिया Logasya द्वारा प्रकाशित संपादकीय समाचारों पर लागू होती है। पोर्टल पर उपलब्ध यूजर-जेनरेटेड लिस्टिंग (जैसे दुकान, प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, कमरा किराया या नौकरी विज्ञापन) स्वतंत्र उपयोगकर्ताओं द्वारा पोस्ट किए जाते हैं। यद्यपि हम आपत्तिजनक सामग्री को तुरंत हटाते हैं, फिर भी किसी यूजर द्वारा पोस्ट की गई सेवा, कीमत या गुणवत्ता के लिए Logasya या इसका स्वामी जिम्मेदार नहीं होगा।
संदिग्ध खबर या वीडियो की जांच कराएं (Submit a Claim)
यदि आपको उत्तर प्रदेश से संबंधित कोई व्हाट्सएप मैसेज, वीडियो या दावा संदिग्ध लगे, तो सत्यापन हेतु हमारे तथ्य-जांच डेस्क को भेजें:
